कॉमरेड विनोद, लाल सलाम!

छत्तीसगढ़ की किंकर्तव्यविमूढ़ सरकार को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती देते हुए नक्सलियों ने प्रदेश के सबसे ईमानदार और कुशल पुलिस अधिकारी विनोद चौबे सहित कोई छत्तीस पुलिस जवानों की आखिरकार हत्या कर ही दी। नक्सली हिंसा के इतिहास में यह अब तक का सबसे खतरनाक और क्रूर हमला राज्य की सरकार पर हुआ है। इस घटना के दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनावश्यक रूप से नक्सली समस्या का उल्लेख किया और देश के विभिन्न इलाकों से आए साहित्यकारों पर व्यंग्य कसा कि क्यों नहीं उन्हें नक्सलियों के खिलाफ लिखना चाहिए। समाचार के अगले दिन प्रकाशित होने के 24 घंटों के अंदर नक्सलियों ने मुख्यमंत्री को उनके गृह जिले में ही खूंखार चुनौती दे डाली है। यह अलग बात है कि राजनीतिक अपरिपक्वता और बड़बोलेपन का खमियाजा निम्न मध्य वर्ग के उन गरीब परिवारों को भुगतना पड़ा जिनके होनहार युवक पेट की रोटी कमाने की गरज से पुलिस में भर्ती हुए हैं ताकि प्रदेश की जनता की रक्षा कर सकें।

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4 comments:

रचना गौड़ ’भारती’ July 15, 2009 at 11:22 PM  

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…मेरे ब्लोग पर आपका स्वागत है।

नारदमुनि July 16, 2009 at 5:08 AM  

lal salam ji lal salam.narayan narayan

समय July 16, 2009 at 10:14 AM  

आपके ब्लॉग का लेआउट बहुत ही सुंदर है...

राजेंद्र माहेश्वरी July 19, 2009 at 10:07 PM  

हिंदी भाषा को इन्टरनेट जगत मे लोकप्रिय करने के लिए आपका साधुवाद |


कनक तिवारी